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Showing posts from January, 2020

नई उम्मीद

कभी कभी जब आप खुद को बहुत ज्यादा हारा हुआ महसूस करते हैं, अक्सर उसी वक़्त एक नई उम्मीद की चिंगारी आपके अंदर पैदा होती है। कुछ लोग इस चिंगारी को भुला देते हैं, तो कभी कभी लोग इस चिंगारी को आग बना लेते हैं। ये फ़ैसला ख़ुद करना होता है कि आप क्या चाहते हैं। ज़िन्दगी में बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए हर किसी को एक उम्मीद की तलाश होती है, आज हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ। ख़ुद को खोया हुआ महसूस कर रहे थे, मगर किसी ने हमें उम्मीद की रोशनी दिखाई है, बस अब उस रास्ते पर आगे बढ़ने की हिम्मत करनी है हमें, क्योंकि अगर ऐसा नहीं करेंगे, तो ख़ुद को शायद फिर से खो देंगे हम, और ऐसा कुछ भी होना हमें मंज़ूर नहीं...........

मिज़ाज़-ए-नवाबी

दोस्तों, कभी कभी, ऐसा भी हो जाता है, कि जब हम कुछ लिखने के लिए कलम उठाते हैं तो अक्सर लफ़्ज़ कम पड़ जाते हैं। समझ में नहीं आता कि कहां से शुरू करूं.... कहने को तो बहुत कुछ होता है मेरे मन में, जिसे मैं बयां करना चाहता हूं, मगर लफ़्ज़ हैं कि वो बाहर नहीं आना चाहते.... ऐसे में खुद पर गुस्सा भी आता है और हैरानी भी होती है। कभी कभी तो आंसू भी आ जाते हैं इन आंखो में। मगर, इस वक्त तो खुद पर हैरानी हो रही है, क्योंकि लफ़्ज़ तो कम थे, फिर भी इतना सब कुछ कैसे लिखा हमने आप सबके लिए? ये....एक अजनबी सी पहेली ही है, मेरे लिए............

दास्तां-ए-ज़िंदगी

नमस्कार, आदाब, सत्श्रियाकाल..... मित्रों.... मैं हूं नवाबी, सेठ नवाबी..... इस नाम को पढ़कर आप सभी हैरान हुए होंगे,  क्योंकि आज तक शायद आप में से किसी ने भी ऐसा नाम ना सुना होगा ना पढ़ा होगा। दोस्तो मुझे पता है कि मेरे लिखने का तरीका आप सबको कुछ अजीब सा लग रहा होगा, मगर यकीन कीजिए, ये सभी वो शब्द हैं जो हम बिना सोचे समझे लिख रहे हैं, क्योंकि अक्सर सोच समझकर काम करने वाले लोगों को बेकार समझा जाता है और बिना सोचे समझे काम करने वालो को समझदार..... खुद के बारे में क्या लिखूं, क्या बताऊं आप सबको अपने बारे में समझ में नहीं आ रहा, मगर एक कोशिश ज़रूर करेंगे कि आप सबको खुद से रूबरू करा सकें.........